Aarti Sangrah
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आदिनाथ जी आरती 3

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।

 

दुखहारी सुखकारी तुम हो,

दुखहारी सुखकारी तुम हो

त्रिभुवन के स्वामी, त्रिभुवन के स्वामी

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।

 

नाभिराय मरूदेवी के नंदन,

नाभिराय मरूदेवी के नंदन

संतन आधार, संतन आधार

नाथ निरंजन सब दुख भंजन,

नाथ निरंजन सब दुख भंजन

सम्पति दातार, सम्पति दातार

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।

 

करुणा सिंधु दयाल दयानिधि,

करुणा सिंधु दयाल दयानिधि

जय जय गुणधारी, जय जय गुणधारी

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।

 

वांछित पूर्ण दुःख दर्द चुरन,

वांछित पूर्ण दुःख दल चुरन

सब जन सुखकारी, सब जन सुखकारी

जय आदिनाथ स्वामी,

बाबा जय आदिनाथ स्वामी ।