Aarti Sangrah
आरती मुनिसुव्रत जी जिनवानी
जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी,
प्रभु मुनिसुव्रतनाथ स्वामी
जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी,
प्रभु मुनिसुव्रतनाथ स्वामी
भक्ति भाव से प्रणमु तुमको,
जय अन्तरयामि २
जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी०
राजगृही में जन्म किया प्रभु २,
आनन्द भयो भारी ।
सुर नर मुनि गुण गाये तिहारी,
आरती करी थारी ॥
जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी०
पिता तिहारे सुमित्र राजा २,
शामा के जाया ।
श्याम वर्ण मूरत तेरी हैं,
पैठण अतिशय दर्शाया ॥
जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी०
जो ध्यावे सुख पावे सब ही २,
सब संकट को दूर करे २।
मंवांचित फल पावे सब ही 2,
जो प्रभु चरण हरे २ ॥
जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी०