Aarti Sangrah
महावीर स्वामी अ
ॐ जय महावीर प्रभो! स्वामी जय महावीर प्रभो ।
जग नायक सुखदायक,
अति गंभीर प्रभो । ॐ जय ०
कुण्डलपुर में जन्में त्रिशला के जाए,
स्वामी त्रिशला के जाए ०
पिता सिद्धार्थ राजा, सुर नर हर्षाए ।
ॐ जय ०
दीनानाथ दयानिधि हो मंगलकारी,
स्वामी हो मंगलकारी ०
जगतहित संयम धारा, प्रभु पर उपकारी ।
ॐ जय ०
पापाचार मिटाया, सत्पथ दिखलाया,
स्वामी सत्पथ ०
दया धर्म का झंडा, जग में लहराया ।
ॐ जय ०
अर्जुनमाली, गौतम, श्री चन्दनबाला,
स्वामी श्री चन्दन ०
पार जगत से बेडा, इनका कर डाला ।
ॐ जय ०
पावन नाम तुम्हारा, जग तारणहारा,
स्वामी जग तारण ०
निश दिन जो नर ध्यावे, कष्ट मिटे सारा ।
ॐ जय ०
करूणासागर! तेरी महिमा है न्यारी,
स्वामी महिमा है ०
ज्ञान मुनि गुण गावे, चरणन बलिहारी ।
ॐ जय ०