Bhajan Sangrah

Bhajan Sangrah

स्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा

स्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा हे गुरू माँ तेरा द्वार
बना रहे आशीष आपका आए तुम्हारे द्वार
गुरु मां का द्वार ना छूटे चरण की छांव ना छूटे
स्वर्ग से सुंदर.......
मात-पिता तुम मेरे सच्चे मित्र हमारे -2
सारी दुनिया छोड़ी आये तुम्हारे द्वारे-2
कहाँ मिलेगी इतनी ममता इतना राज दुलार
गुरु माँ का द्वार न ........
स्वर्ग से सुन्दर.........
भाव से भीगी कलियाँ माँ चरणों में आये
अपना लो या ठुकरा दो शरण
तुम्हारी आते
कहाँ मिलेगा ऐसा वात्सल्य ऐसा आशीर्वाद
गुरू माँ का द्वारा...........
स्वर्ग से सुंदर.............