भजन - 3
चरणों में तेरे आके बैठी हूं मैं सर झुकाके
अर्जी सुनो हमारी, ओ मां मेरी जिनवाणी...
जिनवाणी रस से भरी है वो जिनवाणी माता
विद्या की देवी है तू मां, तूने कर्मों को काटा
ज्ञान दिया है तुमने सबको, तुम हो भाग्य विधाता
मेरे सांसों की सरगम, करती हूं तुमको ही अर्पण
अर्जी सुनो हमारी, ओ मां मेरी जिनवाणी...