Bhajan SangrahDuniya se mai haraदुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ।सुख में प्रभुवर तेरी याद ना आयी,दुःख में प्रभुवर तुमसे प्रीत लगाई ।सारा दोष हैं मेरा, मैं करता हूं स्वीकार,यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥VideosAudioTrack 1