प्रातः 4:00 AM
ब्रह्म मुहूर्त में आत्म-चिंतन, मंत्र जाप और गुरु भक्ति के साथ दिन की मंगलमय शुरुआत।
प्रातः 4:30 AM
किए हुए दोषों की आलोचना करना और अपनी आत्मा को पवित्र करना।
प्रातः 5:00 AM
मन वचन और काया को एकाग्र करके अपनी आत्मा में रमण करना।
प्रातः 6:00 AM
गुरु भक्ति, गुरु विनय समर्पण को दर्शाता है।
प्रातः 6:30 AM
प्रातः 7:00 AM
जिनेंद्र भगवान की भक्ति अर्चना।
प्रातः 8:00 AM
स्वयं का अध्ययन करना अपनी आत्मा का मिलन करना।
प्रातः 9:00 AM
भगवान की देशना को देना।
प्रातः 10:30 AM
शुद्ध सात्विक आहार के लिए नगर भ्रमण एवं नवधा भक्ति पूर्वक विधि ग्रहण।
दोपहर 12:00 PM
मन वचन और काया को एकाग्र करके अपनी आत्मा में रमण करना।
दोपहर 1:00 PM
दोपहर 1:30 PM
दोपहर 3:00 PM
जिनेंद्र भगवान की भक्ति अर्चना।
शाम 4:00 PM
स्वयं का अध्ययन करना अपनी आत्मा का मिलन करना।
शाम 5:00 PM
अपनी आत्मा का चिंतन करना।
शाम 5:30 PM
अपनी आत्मा का चिंतन करना।
शाम 7:30 PM
अपनी आत्मा का चिंतन करना।
शाम 8:30 PM
वैयावृत्ति करने से तीर्थंकर प्रकृति का बंध।