Kuch Khas

Kuch Khas

वास्तु टिप्स

प्रवेश और दिशाएँ (1-20)

1.​मुख्य द्वार साफ रखें।
2. प्रवेश द्वार पर शुभ चिह्न लगाएं।
3. पूर्व दिशा का द्वार सौभाग्य लाता है।
4. उत्तर दिशा में खिड़की रखें।
5. दक्षिण-पश्चिम में भारी सामान रखें।
6. उत्तर-पूर्व में हल्का सामान रखें।
7. प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी रखें।
8. द्वार खोलते समय आवाज नहीं होनी चाहिए।
9. दहलीज हमेशा ऊंची रखें।
10. मुख्य द्वार के सामने गड्ढा न हो।
11. जूते द्वार के पास न बिखेरें।

12. द्वार के पास कूड़ेदान न रखें।
13. मुख्य द्वार के सामने आईना न लगाएं।
14. घर में 'ब्रह्मस्थान' (बीच का हिस्सा) खाली रखें।

15. उत्तर-पूर्व में भारी फर्नीचर न रखें।
16. घर का आकार नियमित (वर्गाकार या आयताकार) रखें।
17. प्रवेश द्वार की संख्या सम (2, 4, 6) हो तो बेहतर है।
18. प्रवेश द्वार के पास कांटेदार पौधे न रखें।
19. मुख्य द्वार घर के अन्य दरवाजों से बड़ा हो।
20. द्वार के पास तुलसी का पौधा रखें।


​रसोई और खान-पान (21-40)

21.​रसोई दक्षिण-पूर्व में हो।
22. खाना बनाते समय मुख पूर्व में रखें।
23. चूल्हा और सिंक के बीच दूरी रखें।
24. रसोई में डार्क रंगों से बचें।
25. हमेशा साफ-सुथरी रसोई रखें।

26. पीने का पानी उत्तर-पूर्व में रखें।
27. खाना हमेशा डाइनिंग टेबल पर खाएं।
28. रात को जूठे बर्तन न छोड़ें।
29. दवाओं को रसोई में न रखें।
30. रसोई का स्लैब पत्थर का हो।
31. मसालों के जार सही क्रम में रखें।
32. अनाज दक्षिण-पश्चिम में रखें।

33. फ्रिज उत्तर-पश्चिम में रखें।
34. रसोई की खिड़की पूर्व में रखें।
35. खाना बनाते समय मन प्रसन्न रखें।
36. रसोई में दर्पण न लगाएं।
37. गैस सिलेंडर दक्षिण-पूर्व के पास रखें।
38. खाने में सात्विकता का ध्यान रखें।

39. रसोई में कूड़ेदान ढक कर रखें।
40. अग्नि तत्व (चूल्हा) और जल तत्व (सिंक) को अलग रखें।


​शयनकक्ष (41-60)


41.​मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में हो।

42. सिर हमेशा दक्षिण में रखकर सोएं।
43. बच्चों का कमरा उत्तर-पूर्व में हो।
44. बेड के सामने दर्पण न लगाएं।
45. बेड के नीचे कबाड़ न रखें।
46. दीवारों पर हल्के रंगों का प्रयोग करें।
47. सोते समय पैर दरवाजे की तरफ न हों।
48. बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट कम रखें।
49. कमरे में ताजी हवा आने दें।
50. बेड के ऊपर बीम (beam) न हो।
51. बेडरूम में पानी का फव्वारा न रखें।

52. कमरे में शांति बनाए रखें।
53. बेड हमेशा लकड़ी का रखें।
54. रात को कमरे में हल्की लाइट रखें।
55. गंदे कपड़े वहां न रखें।
56. बेड की चादर साफ और खुशनुमा हो।
57. खिड़कियों पर पर्दे लगाएं।
58. सोते समय सिर के पास मोबाइल न रखें।

59. बेडरूम में धार्मिक फोटो न लगाएं।
60. बेड की दिशा हमेशा सही रखें।


​पूजा घर और शांति (61-80)

61.​पूजा स्थल उत्तर-पूर्व में हो।

62. देवी-देवताओं की फोटो का मुख पूर्व में हो।

63. पूजा घर सीढ़ियों के नीचे न हो।
64. पूजा घर में शांति रखें।
65. नियमित दीप जलाएं।
66. पूजा स्थल के पास बाथरूम न हो।
67. भगवान की खंडित मूर्ति न रखें।

68. पूजा घर में कबाड़ न रखें।
69. पूजा की सामग्री सही जगह रखें।
70. घर में आध्यात्मिक वातावरण रखें।
71. शंख और घंटी का उपयोग करें।
72. पूजा स्थल में हल्की खुशबू रखें।
73. उत्तर-पूर्व में कलश रखें।
74. पूजा करते समय आसन का प्रयोग करें।
75. पूजा स्थल को हमेशा साफ रखें।

76. दीवारों पर सकारात्मक चित्र लगाएं।

77. पूजा स्थल का दरवाजा छोटा रखें।
78. भगवान को ताजा फूल चढ़ाएं।
79. पूजा का समय निश्चित रखें।
80. पूजा स्थल के ऊपर भारी सामान न रखें।


​सुख-समृद्धि और रख-रखाव (81-100)

​घर में दरारें न होने दें।
82. नल से पानी न टपकने दें।
83. खराब घड़ी तुरंत हटाएं।

84. घर में सूखी लकड़ी न रखें।
85. मनी प्लांट का सही चुनाव करें।
86. घर में रोशनी भरपूर रखें।
87. भारी अलमारी दक्षिण-पश्चिम में रखें।
88. उत्तर दिशा में तिजोरी रखें।
89. घर में नकारात्मकता वाले पोस्टर न लगाएं।
90. सीढ़ियां हमेशा क्लॉकवाइज (घड़ी की दिशा) में बनवाएं।

91. घर के कोनों को हमेशा साफ रखें।
92. घर में पालतू जानवरों को सही जगह दें।
93. फालतू का सामान समय-समय पर बाहर निकालें।
94. मुख्य द्वार पर नेमप्लेट लगाएं।

95. घर में ताजी हवा का प्रवाह बनाए रखें।

96. खिड़कियों को हमेशा साफ रखें।
97. घर में सकारात्मक संगीत (मंत्र) बजाएं।
98. उत्तर-पूर्व में पानी का स्रोत रखें।
99. घर के सदस्यों का स्वास्थ्य प्राथमिकता दें।
100. सबसे जरूरी: घर में हमेशा प्यार और सम्मान का भाव रखें।


बाहरी वातावरण और प्रवेश (101-120)

121.​घर की चौखट को हमेशा साफ रखें।
102. घर के बाहर चप्पल-जूते व्यवस्थित रखें।

103. मुख्य द्वार पर घंटी मधुर आवाज वाली लगाएं।
104. प्रवेश मार्ग पर पेड़-पौधों को व्यवस्थित रखें।
105. घर के बाहर कूड़ेदान का स्थान उत्तर-पश्चिम में रखें।
106. घर के चारों कोनों में रात को रोशनी रखें।
107. घर के बाहर नेमप्लेट स्पष्ट अक्षरों में हो।
108. घर का प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में अधिक शुभ है।
109. द्वार के ऊपर तोरण (फूलों या पत्तों की माला) लगाएं।
110. घर के बाहर अनावश्यक पत्थर या कबाड़ न रखें।
111. बाहर की दीवारों पर दरारें न आने दें।
112. घर के बाहर का नल उत्तर या पूर्व में हो।
113. बाउंड्री वॉल हमेशा समतल रखें।

14. घर के सामने कोई बड़ा खंभा न हो।

115. प्रवेश द्वार के सामने कोई बड़ा पेड़ नहीं होना चाहिए।
116. घर की बाहरी पेंटिंग सात्विक रखें।
117. घर के बाहर पक्षियों के लिए पानी रखें।
118. मुख्य द्वार के पास कोई गंदा नाला न हो।
119. द्वार के पास का क्षेत्र हमेशा सूखा रखें।
120. घर के प्रवेश पर स्वागत का भाव बनाए रखें।


​लिविंग रूम और बैठक (121-140)

121.​सोफा सेट दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें।

122. मेहमानों का मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए।
123. बैठक में हल्के रंगों का प्रयोग करें।
124. बैठक में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दक्षिण-पूर्व में रखें।
125. सेंटर टेबल वर्गाकार या आयताकार रखें।
126. कमरे में बड़े सोफे भारी दीवार के सहारे रखें।
127. लिविंग रूम में पारिवारिक फोटो लगाएं।
128. कमरे में प्राकृतिक प्रकाश भरपूर हो।
129. बैठक के उत्तर-पूर्व में छोटी वाटर फाउंटेन रखें।
130. पर्दे हमेशा खिड़की के साइज के रखें।
131. सोफे पर कुशन साफ और सुंदर रखें।
132. कमरे में आर्टिफिशियल फूल न रखें, असली रखें।

133. बैठक में धूल जमा न होने दें।
134. कमरे में सकारात्मक किताबें रखें।
135. दीवारों पर हिंसक चित्र कभी न लगाएं।

136. फर्नीचर को दीवार से सटाकर न रखें।

137. लिविंग रूम में घड़ी उत्तर दिशा में लगाएं।
138. फर्श पर बैठने के लिए कालीन का प्रयोग करें।
139. बैठक में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
140. कमरा हमेशा व्यवस्थित और खुला-खुला रखें।


​करियर, ऑफिस और काम (141-160)

141.​काम करने की टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में रखें।
142. ऑफिस में अपनी कुर्सी के पीछे ठोस दीवार रखें।
143. काम की मेज पर भारी सामान न रखें।
144. कंप्यूटर या लैपटॉप दक्षिण-पूर्व में रखें।
145. काम के दौरान पीठ दरवाजे की तरफ न हो।
146. ऑफिस की फाइलें उत्तर-पश्चिम में रखें।

147. काम की जगह पर ताजी खुशबू (जैसे चंदन) रखें।
148. ऑफिस में घड़ी हमेशा चालू रखें।
149. कार्यस्थल पर हरे रंग का छोटा पौधा रखें।
150. अपनी टेबल पर एक छोटा क्रिस्टल रखें।
151. काम करते समय मोबाइल का प्रयोग जरूरत होने पर ही करें।

152. ऑफिस की फाइलें बंद अलमारी में रखें।
153. कार्यस्थल पर अंधेरा न रखें।

154. अपने लक्ष्य का चार्ट सामने वाली दीवार पर लगाएं।
155. अपनी कुर्सी को आरामदायक रखें।
156. ऑफिस में कूड़ेदान को हमेशा कवर करके रखें।
157. काम की शुरुआत सकारात्मक विचारों से करें।
158. ऑफिस में पानी का बर्तन उत्तर-पूर्व में रखें।

159. अपनी टेबल पर कोई तीखी वस्तु (कैंची) खुली न छोड़ें।
160. काम की जगह को हमेशा व्यवस्थित रखें।


​स्वास्थ्य और जीवनशैली (161-180)

161.​घर में नियमित रूप से कपूर जलाएं।
162. घर में सकारात्मक मंत्रों का ऑडियो चलाएं।

163. तांबे के बर्तन में पानी पीना शुभ है।

164. सुबह की धूप को घर के अंदर आने दें।

165. घर में नमक वाले पानी से पोंछा लगाएं।
166. अपने सिरहाने पानी का गिलास न रखें।
167. घर में हर सदस्य के लिए बैठने का सही स्थान तय हो।
168. घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा वाली बातें करें।

169. रात को सोते समय मोबाइल दूर रखें।

170. घर में छोटे-छोटे अंतराल पर ताजी हवा आने दें।
171. घर में पौधों की देखभाल रोज करें।
172. घर में पालतू जानवरों को साफ रखें।
173. अपनी दिनचर्या में योगा शामिल करें।
174. घर में अनावश्यक दवाएं न रखें।
175. घर में हर इंसान की अपनी प्राइवेसी का सम्मान करें।
176. घर में हंसी-मजाक का माहौल रखें।
177. सुबह जल्दी उठने की आदत डालें।
178. घर में शांति बनाए रखने का प्रयास करें।
179. अपनी चीजों को सही स्थान पर रखने की आदत डालें।
180. मन को शांत रखने के लिए ध्यान करें।


​समृद्धि और अन्य वास्तु (181-200)

181.​घर की उत्तर दिशा में तिजोरी रखें।
182. तिजोरी का मुंह उत्तर दिशा की ओर खुले तो अच्छा है।
183. अलमारी में धन के साथ सोना रखें।
184. उत्तर-पूर्व में कभी भी भारी सामान न रखें।
185. घर में टूटी हुई चीजें बिल्कुल न रखें।
186. धन के स्थान पर सुगंधित इत्र रखें।
187. घर में हमेशा ताजे फूल रखें।
188. उत्तर दिशा को हमेशा साफ और हल्का रखें।
189. घर में भगवान की तस्वीरें लगा सकते हैं।
190. सीढ़ियों के नीचे स्टोरेज न बनाएं।
191. छत पर पानी की टंकी सही दिशा में रखें।
192. घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) हमेशा खाली रखें।
193. बाथरूम का दरवाजा बंद रखें।
194. टॉयलेट सीट का ढक्कन बंद रखें।
195. घर में मकड़ी के जाले न बनने दें।
196. शाम को घर में रोशनी जरूर करें।
197. मेहमानों का सत्कार हमेशा प्रेम से करें।
198. अपने घर को अपना मंदिर मानें।
199. घर के हर कोने में सकारात्मक विचार रखें।
200. घर में हमेशा खुश रहें, क्योंकि खुश इंसान ही सबसे बड़ी पॉजिटिव एनर्जी है।


​ध्यान और आध्यात्मिक विकास (201-220)

201.​ध्यान के लिए उत्तर-पूर्व दिशा का चयन करें।

202. ध्यान करते समय बैठने के लिए ऊनी आसन का प्रयोग करें।
203. मन को एकाग्र करने के लिए शांत वातावरण बनाएं।
204. सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें।
205. घर में धूप-बत्ती या अगरबत्ती का उपयोग करें।
206. एकांत के लिए घर का एक कोना सुरक्षित रखें।
207. घर में धार्मिक ग्रंथों का सम्मान करें।
208. आध्यात्मिक चित्र या पेंटिंग पूर्व दिशा में लगाएं।
209. ध्यान के समय ढीले कपड़े पहनें।
210. मन में सकारात्मक संकल्प लें।
211. घर के कोनों में दीया जलाना शुभ होता है।
212. प्रतिदिन घर में थोड़ा समय मौन रहकर बिताएं।
213. ध्यान के दौरान अपनी सांसों पर नियंत्रण रखें।
214. घर में अनावश्यक बहस से बचें।
215. मन की शांति के लिए संगीत का सहारा लें।
216. घर की दीवारों पर सात्विक रंग रखें।
217. अपनी चेतना को जागृत रखने के लिए अभ्यास करें।
218. घर में शांति का वातावरण बनाए रखें।
219. समय के साथ खुद को बेहतर बनाएं।
220. आध्यात्मिक उन्नति के लिए निरंतरता रखें।


​रंग और ऊर्जा (221-240)

221.​बेडरूम के लिए हल्का नीला या गुलाबी रंग चुनें।
222. रसोई के लिए हल्का पीला या नारंगी रंग अच्छा है।
223. लिविंग रूम में सफेद या हल्का क्रीम रंग प्रयोग करें।
224. स्टडी रूम में हरा रंग प्रेरणा देता है।
225. गहरे लाल रंग से बेडरूम में बचें।
226. छत के लिए हमेशा सफेद रंग का उपयोग करें।

227. गहरे रंगों का इस्तेमाल छोटे कमरों में कम करें।
228. रंगों के प्रभाव को समझने की कोशिश करें।
229. बच्चों के कमरे में चटकीले रंग अच्छे लगते हैं।
230. दिशाओं के अनुसार रंगों का चुनाव करें।
231. दीवारों पर कलाकृतियों का रंग घर के माहौल से मेल खाए।
232. खिड़की के पर्दे हल्के रंगों के रखें।
233. फर्श पर गहरे रंगों से बचें।
234. रंगों का संतुलन घर में ऊर्जा देता है।

235. घर में हर रंग का एक अर्थ है।
236. पेंटिंग का चुनाव अपनी पसंद और वास्तु अनुसार करें।
237. रंगों की चमक घर को नया लुक देती है।
238. रंगों का चुनाव मूड को प्रभावित करता है।
239. घर में संतुलन के लिए पेस्टल रंगों का उपयोग करें।
240. दीवारों को समय-समय पर नया पेंट करवाएं।


​प्रकाश और वायु (241-260)

​घर में क्रॉस-वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
242. भारी पर्दे दिन में हटा दें।
243. सुबह की रोशनी घर में प्रवेश करने दें।
244. घर के अंधेरे कोनों में लाइट लगाएं।
245. कृत्रिम रोशनी की जगह प्राकृतिक रोशनी को महत्व दें।
246. रात को छत की रोशनी मंद रखें।

247. खिड़कियों पर जाली वाले पर्दे लगाएं।

248. रोशनी का स्रोत हमेशा साफ रखें।

249. घर में ताजी हवा के लिए पौधे लगाएं।

250. कमरों के बीच का रास्ता खुला रखें।

251. हवा के प्रवाह को अवरुद्ध न करें।

252. लाइट फिटिंग हमेशा चालू स्थिति में रखें।
253. घर के हर हिस्से में बराबर रोशनी रखें।
254. अंधेरा नकारात्मकता लाता है।
255. घर की बालकनी को खुला रखें।
256. वायु के आने के लिए उचित खिड़कियां हो।
257. घर में खुशबू के लिए नेचुरल स्प्रे का प्रयोग करें।
258. ताजी हवा घर को पुनर्जीवित करती है।
259. प्रकाश से मन में आशा जगती है।
260. रोशनी और हवा का सही संगम सुख लाता है।


​बागवानी और प्रकृति (261-280)

261.​मनी प्लांट उत्तर-पूर्व में लगाएं।
262. घर के अंदर कांटेदार पौधे न रखें।
263. पौधों को नियमित रूप से पानी दें।
264. तुलसी के पौधे को हमेशा सम्मान दें।
265. घर में सूखे फूल बिल्कुल न रखें।
266. बगीचे को हमेशा साफ रखें।
267. छोटे गमले लिविंग रूम में सुंदर लगते हैं।
268. पौधों की पत्तियों को साफ रखें।
269. बेल वाली सब्जियां घर की दीवार पर अच्छी लगती हैं।

270. पौधों को धूप की जरूरत का ध्यान रखें।
271. गमले के नीचे हमेशा ट्रे रखें।

272. प्रकृति को घर का हिस्सा बनाएं।

273. पौधों की छंटाई समय पर करें।
274. घर की बालकनी में एक छोटा बगीचा बनाएं।

275. फूलों की खुशबू सकारात्मकता लाती है।
276. खाद का उपयोग जैविक ही करें।

277. पौधे घर के वायुमंडल को शुद्ध करते हैं।
278. प्रकृति से जुड़ाव मन को शांत रखता है।
279. गमले में मिट्टी का स्तर सही रखें।
280. पौधों के साथ समय बिताना सुखद होता है।


​दैनिक जीवन और वास्तु (281-300)

281.​घर में हमेशा मुस्कान के साथ प्रवेश करें।

282. बिस्तर पर खाना न खाएं।
283. अपने जूतों को घर के अंदर न ले जाएं।

284. घर की चाबियां सही जगह रखें।

285. अपने साथ एक डायरी रखें जिसमें अच्छी बातें लिखें।
286. घर के बुजुर्गों का सम्मान करें।
287. घर में सादगी बनाए रखें।

288. दूसरों के प्रति दया का भाव रखें। 289. घर में विवाद न करें।
290. घर के हर सदस्य को अपनी जगह दें।
291. सफाई के लिए समय तय करें।
292. फिजूलखर्ची से बचें।
293. अपनी चीजों को संजोकर रखें।

294. मेहमानों का स्वागत तहे दिल से करें।

295. घर में कृतज्ञता का भाव रखें।
296. सकारात्मक समाचार ही साझा करें।
297. अपने काम के प्रति ईमानदार रहें।
298. वास्तु का अर्थ केवल नियम नहीं, जीवनशैली है।
299. हर दिन कुछ नया और सकारात्मक सोचें।
300. घर में प्रेम का निवास हो, वही सबसे बड़ा वास्तु है।


सामंजस्य और आपसी रिश्ते (301-320)

301.​घर के सदस्यों के साथ बैठकर भोजन करें।

302. आपसी संवाद के लिए बैठक का उपयोग करें।
303. एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें।
304. घर में विवाद की स्थिति में मौन का सहारा लें।
305. परिवार की फोटो को लिविंग रूम में सामूहिक रूप से लगाएं।
306. घर के प्रत्येक सदस्य को अपनी पसंद का स्थान चुनने दें।
307. किसी भी गलतफहमी को तुरंत सुलझाएं।
308. आपसी सहयोग की भावना को प्राथमिकता दें।
309. घर में बच्चों के साथ खेलें, इससे ऊर्जा अच्छी बनी रहती है।
310. छोटों को प्यार और बड़ों का आदर करें।
311. सामूहिक प्रार्थना करें।
312. घर में उत्सव का माहौल बनाए रखें।
313. एक-दूसरे के कार्यों की सराहना करें।
314. घर में अनुशासन रखें।
315. परिवार की खुशहाली के लिए सकारात्मक विचार रखें।
316. संकट के समय साथ खड़े रहें।
317. घर में किसी का अपमान न करें।
318. मेहमानों का स्वागत मुस्कुराकर करें।
319. साझा लक्ष्यों पर काम करें।
320. घर को प्रेम का केंद्र बनाएं।


​कोडिंग और डिजिटल वर्कस्पेस (321-340)

321.​अपनी कोडिंग टेबल हमेशा व्यवस्थित रखें।

322. डेस्क पर केबल मैनेजमेंट का ध्यान रखें।
323. कीबोर्ड के पास खाने-पीने की चीजें न रखें।
324. अपनी स्क्रीन की ऊंचाई आँखों के स्तर पर रखें।
325. टेबल के ऊपर या पास में प्रेरणादायक कोट्स लगाएं।
326. डेस्क पर एक छोटा पौधा (जैसे स्नेक प्लांट) रखें।
327. काम के बीच में अपनी आँखें बंद करके विश्राम करें।
328. फाइलों का डिजिटल बैकअप हमेशा रखें।
329. स्क्रीन पर वॉलपेपर सुखद और आंखों के लिए शांत रखें।
330. काम के दौरान अपनी पीठ सीधी रखें।
331. कीबोर्ड के पास धूल न जमने दें।
332. अपने कंप्यूटर को ठंडा रखने के लिए उचित वेंटिलेशन दें।
333. कोडिंग के दौरान पानी पीते रहें।
334. डेस्क पर अनावश्यक कागजात न रखें।
335. काम का समय तय करें और उसका पालन करें।
336. अपनी गैजेट्स को रात में बंद रखें।
337. माउस पैड और डेस्क की सफाई करें।
338. काम के दौरान बैकग्राउंड में हल्का संगीत बजाएं।
339. अपने प्रोजेक्ट्स को एक व्यवस्थित फोल्डर स्ट्रक्चर में रखें।

340. हर दिन अपने काम में छोटी प्रगति का जश्न मनाएं।


​स्वच्छता और रखरखाव के छोटे टिप्स (341-360)

​दरवाजे के हैंडल को हफ्ते में एक बार साफ करें।
342. शीशों को हमेशा चमकता हुआ रखें।
343. बाथरूम के नल को टाइट रखें।

344. घर के कोनों में मकड़ी के जाले न रहने दें।
345. डस्टबिन को रोज खाली करें।
346. बेड के नीचे की जगह साफ रखें।

347. पर्दे हर महीने धोएं।
348. घर के पंखों से धूल झाड़ें।
349. स्विच बोर्ड को साफ रखें।
350. पुरानी रद्दी को घर से बाहर निकालें।
351. गंदे मोजे घर में न बिखेरें।

352. कपड़ों को हमेशा तह करके अलमारी में रखें।
353. जूठन घर में न रखें।
354. घर के फर्श पर दाग न रहने दें।
355. अलमारी में खुशबू के लिए कपूर रखें।
356. चाबियों को एक निश्चित हुक पर टांगें।
357. घर के गमलों की मिट्टी को समय-समय पर बदलें।
358. टाइल्स के बीच के गैप को साफ रखें।
359. घर में फालतू प्लास्टिक बैग न जमा करें।
360. घर के बाहर के रास्ते को रोज झाड़ू दें।


​मानसिक और भावनात्मक कल्याण (361-380)

361.​घर के अंदर सकारात्मक बातें ही करें।
362. क्रोध का त्याग करें।
363. दिन की शुरुआत सकारात्मक अफर्मेशन (affirmations) से करें।
364. अपनी भावनाओं को डायरी में लिखें।
365. कृतज्ञता (gratitude) के लिए समय निकालें।
366. दूसरों की तुलना करने से बचें।
367. मन की शांति के लिए प्राणायाम करें।
368. रात को सोने से पहले दिन की अच्छी बातों को याद करें।
369. अपने आप पर विश्वास रखें।
370. छोटी-छोटी सफलताओं पर खुद को इनाम दें।
371. तनाव को हावी न होने दें।
372. अपने प्रियजनों से फोन पर बात करें
373. प्रकृति के साथ समय बिताएं।
374. अपनी पसंद के शौक के लिए समय निकालें।
375. नकारात्मक विचार आने पर अपना ध्यान बदलें।
376. मन को शांत करने के लिए ठंडे पानी से हाथ-मुंह धोएं।
377. सीखने की आदत कभी न छोड़ें।

378. अपनी बात स्पष्ट रूप से रखें।.  खुद को समय दें।


​समृद्धि और लक्ष्य (381-400)

​381.अपने लक्ष्यों की सूची उत्तर दिशा में रखें।

382. बचत करने की आदत डालें।
383. फालतू के खर्चों पर नियंत्रण रखें।
384. दान के लिए एक छोटा सा हिस्सा अलग रखें।
385. ईमानदारी से किए गए काम में हमेशा बरकत होती है।
386. नई चीजें सीखने में निवेश करें।
387. अपने सपनों को एक विजन बोर्ड पर लगाएं।
388. समय के पाबंद बनें।
389. अपने कौशल (Skills) को लगातार बेहतर करें।
390. टीम के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करें।
391. अपनी सफलता की जिम्मेदारी लें।
392. हार न मानें, सीखते रहें।
393. अपने काम को पूरी लगन से करें।
394. नए अवसरों की तलाश में रहें।
395. दूसरों की सफलता में खुशी महसूस करें।
396. धैर्य रखें, परिणाम सही समय पर मिलेगा।
397. अपने स्वास्थ्य को अपनी पहली संपत्ति मानें।

398. जीवन को सरल रखें।
399. हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाए रखें।
400. आप खुद अपनी सबसे बड़ी वास्तु शक्ति हैं, विश्वास रखें।

रचनात्मकता और डिजाइन (401-420)

  1. ​401.अपने डिजाइन स्टूडियो को हमेशा व्यवस्थित रखें।

  2. 402. प्रेरणा के लिए दीवार पर अपने बेहतरीन काम का फ्रेम लगाएं।

  3. 403. स्केचिंग के लिए उत्तर या पूर्व की ओर मुख रखें।

  4. 404. रचनात्मक काम के लिए गहरे और शांत रंगों का तालमेल बनाएं।

  5. 405. अपनी कार्यक्षेत्र में हमेशा पर्याप्त रोशनी रखें।

  6. 406. पुराने डिजाइनों को डिजिटल आर्काइव (archive) में सुरक्षित रखें।

  7. 407. डिजाइनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टूल्स को हमेशा साफ रखें।

  8. 408. कार्यक्षेत्र के कोनों को खाली रखें ताकि ऊर्जा बहती रहे।

  9. 409. प्रेरणादायक पुस्तकों को अपनी पहुंच में रखें।

  10. 410. रचनात्मक काम करते समय मन में शांति का संगीत चलाएं।

  11. 411. बेकार पड़े कागजों को तुरंत हटा दें।

  12. 412. अपनी कार्य डेस्क को हमेशा किसी न किसी तत्व (जैसे छोटा पौधा या पत्थर) से जोड़े रखें।

  13. 413. खिड़की से बाहर देखते समय आंखों को आराम देने के लिए हरियाली रखें।

  14. 414. रचनात्मकता के लिए अपनी पसंद के रंगों का एक चार्ट पास रखें।

  15. 415. काम के दौरान ब्रेक लेते समय वॉक जरूर करें।

  16. 416. अपनी डिजाइनिंग की फाइलों को नाम देने का एक सिस्टम बनाएं।

  17. 417. काम की जगह पर सकारात्मक अफर्मेशन लिखें।

  18. 418. रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए ध्यान का अभ्यास करें।

  19. 419. अपनी डेस्क पर कभी भी कचरा न रखें।

  20. 420. अपने डिजाइनों में संतुलन (symmetry) का प्रयोग करें।

​डिजिटल लाइफ और कोडिंग (421-440)

  1. 421.​कोडिंग की फाइलों को अच्छी तरह से ऑर्गेनाइज करें।

  2. 422. स्क्रीन पर अनावश्यक पॉप-अप्स को बंद रखें।

  3. 423. कंप्यूटर की डस्टिंग रोज करें।

  4. 424. कीबोर्ड के बटनों की सफाई के लिए एयर ब्लोअर रखें।

  5. 425. कोडिंग के दौरान पानी का गिलास दाहिने हाथ की तरफ रखें।

  6. 426. काम खत्म करने के बाद अपनी स्क्रीन को साफ करके बंद करें।

  7. 427. डिजिटल डेस्कटॉप पर फाइलों का ढेर न लगाएं।

  8. 428. कंप्यूटर के लिए अच्छी क्वालिटी का यूपीएस रखें।

  9. 429. अपने पासवर्ड और डेटा को सुरक्षित रखें।

  10. 430. हर दिन कोडिंग के बाद एक बार रिवीजन करें।

  11. 431. काम के बीच में डिजिटल डिटॉक्स (कुछ देर के लिए गैजेट्स से दूरी) करें।

  12. 432. आंखों की थकान कम करने के लिए 'ब्लू लाइट फिल्टर' का उपयोग करें।

  13. 433. कोडिंग में मदद करने वाली शॉर्टकट कीज़ को डेस्क के पास लिखें।

  14. 434. डिजिटल वर्कस्पेस में शांति बनाए रखने के लिए वाई-फाई राउटर को सही जगह रखें।

  15. 435. क्लाउड स्टोरेज का उपयोग करके बैकअप रखें।

  16. 436. अपनी ईमेल आईडी और नोटिफिकेशन को व्यवस्थित करें।

  17. 437. काम के दौरान फोन को साइलेंट मोड पर रखें।

  18. 438. कोडिंग के लिए एक शांत कोना निश्चित करें।

  19. 439. अपनी स्क्रीन पर अच्छे फॉन्ट और साइज का उपयोग करें।

  20. 440. डिजिटल दुनिया में भी सादगी रखें।

​घर की ऊर्जा को शुद्ध करना (441-460)

  1. 441.​सप्ताह में एक बार नमक के पानी से फर्श साफ करें।

  2. 442. घर के कोनों में कपूर की टिकिया रखें।

  3. 443. ताजी हवा के लिए शाम को खिड़कियां खोलें।

  4. 444. घर के प्रवेश द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं।

  5. 445. घर में सुबह-शाम शंखनाद करें।

  6. 446. दीवारों पर सात्विक चित्रों का चयन करें।

  7. 447. टूटे हुए कांच के बर्तनों को तुरंत बाहर निकालें।

  8. 448. घर में बंद पड़ी घड़ियों को हटा दें।

  9. 449. प्रवेश द्वार पर ताजे फूलों का गुच्छा रखें।

  10. 450. घर में पानी का फव्वारा उत्तर-पूर्व में रखें।

  11. 451. तुलसी के पौधे को हमेशा उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखें।

  12. 452. घर में अंधेरा न रहने दें।

  13. 453. शाम होते ही मुख्य द्वार पर रोशनी जलाएं।

  14. 454. घर के हर हिस्से में बराबर रोशनी का ध्यान रखें।

  15. 455. सफाई करते समय मन में प्रसन्नता रखें।

  16. 456. घर के सदस्य एक-दूसरे का सम्मान करें।

  17. 457. घर में अनावश्यक चिल्लाने से बचें।

  18. 458. प्रार्थना करने का स्थान हमेशा शांत रखें।

  19. 459. घर में पुरानी रद्दी न जमा होने दें।

  20. 460. हर शनिवार कबाड़ बाहर निकालें।

​सुखद जीवनशैली (461-480)

  1. ​सुबह उठकर अपनी हथेलियों को देखें।

  2. 462. दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें।

  3. 463. रात को सोते समय मन में आभार व्यक्त करें।

  4. 464. परिवार के साथ समय बिताना जरूरी है।

  5. 465. अपनी डाइट में सात्विक भोजन शामिल करें।

  6. 466. पानी पीने की आदत सही रखें।

  7. 467. समय का सदुपयोग करें।

  8. 468. घर की चीजों को वापस उनकी जगह रखें।

  9. 469. दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।

  10. 470. खुद पर गर्व करें कि आप सीख रही हैं।

  11. 471. अपनी मेहनत पर विश्वास रखें।

  12. 472. जीवन के हर अनुभव से सीखें।

  13. 473. तनाव को काम में न आने दें।

  14. 474. अपनों से प्यार जताएं।

  15. 475. अपने लिए भी समय निकालें।

  16. 476. घर में शांति का संगीत बजाएं।

  17. 477. प्रकृति का आनंद लें।

  18. 478. अपनी गलतियों को सुधारें।

  19. 479. हमेशा मुस्कुराते रहें।

  20. 480. खुश रहना ही सबसे बड़ा वास्तु है।

​समृद्धि और लक्ष्य (481-500)

  1. 481.​अपने लक्ष्यों को डायरी में रोज लिखें।

  2. 482. जो काम करना है उसे छोटे हिस्सों में बांटें।

  3. 483. अपने काम के प्रति समर्पित रहें।

  4. 484. सीखने के लिए हमेशा जिज्ञासु रहें।

  5. 485. सकारात्मक लोगों के साथ रहें।

  6. 486. घर के दक्षिण-पश्चिम कोने को हमेशा भारी और व्यवस्थित रखें।

  7. 487. घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे, इसका ध्यान रखें।

  8. 488. तिजोरी को कभी खाली न रखें।

  9. 489. धन का उपयोग सही कार्यों में करें।

  10. 490. अपने कौशल (Skills) को लगातार निखारें।

  11. 491. हार के डर से काम न छोड़ें।

  12. 492. अपनी प्रगति का रिकॉर्ड रखें।

  13. 493. घर को हमेशा अपना स्वर्ग समझें।

  14. 494. छोटी-छोटी बातों में खुशी खोजें।

  15. 495. हर दिन नया लक्ष्य तय करें।

  16. 496. आप एक प्रतिभाशाली डेवलपर हैं, इस पर विश्वास करें।

  17. 497. अपने काम के प्रति ईमानदार रहें।

  18. 498. वास्तु के नियमों को जीवन का हिस्सा बनाएं।

  19. 499. घर में हमेशा शांति और सुकून रखें।

  20. 500. आप खुद अपनी सबसे बड़ी वास्तु शक्ति हैं!

500. आप खुद अपनी सबसे बड़ी वास्तु शक्ति हैं!

सूक्ष्म ऊर्जा और वातावरण (501-520)

501.​घर के कोनों में कभी भी भारी सामान न रखें।
502. बेडरूम में ताजे फूलों का गुलदस्ता रखें।
503. घर के मुख्य द्वार पर शुभ नाम की प्लेट लगाएँ।
504. दीवार पर लगी घड़ी सही समय दिखाती हो, बंद घड़ी न रखें।
505. घर की छत को हमेशा साफ रखें, वहाँ कबाड़ न जमा होने दें।
506. घर के अंदर अनावश्यक सीलन न होने दें।
507. रसोई में नमक का जार कांच के पात्र में रखें।
508. पूजा घर में जल का पात्र रोज बदलें।

509. घर के हर कमरे में हल्की सुगंध का प्रयोग करें।
510. मुख्य द्वार के बाहर डस्टबिन कभी न रखें।
511. बेड पर बैठते समय पैर खिड़की के सीधे नीचे न हों।
512. उत्तर दिशा की दीवार पर पहाड़ों या झरने की फोटो न लगाएं।
513. घर के बीच के हिस्से (ब्रह्मस्थान) में कोई खंभा न हो।
514. घर की खिड़कियों पर साफ और हल्के पर्दे लगाएं।
515. लिविंग रूम के फर्नीचर को दीवारों से थोड़ा दूर रखें।
516. घर के अंदर पालतू जानवरों के रहने की जगह साफ हो।
517. शाम को घर में अंधेरा न रखें, लाइट जलाएं।
518. सीढ़ियों के नीचे शौचालय न बनवाएं।

519. बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें।

520. घर के अंदर कांटे वाले पौधे बिल्कुल न रखें।


​कोडिंग और तकनीकी एकाग्रता (521-540)

​521.कंप्यूटर स्क्रीन के ठीक पीछे की दीवार पर शांति का रंग रखें।
522. कोडिंग के दौरान अपने पास एक छोटा सा क्रिस्टल रखें।
523. तकनीकी फाइलों के नाम स्पष्ट और व्यवस्थित रखें।
524. अपने कीबोर्ड की सफाई का अपना एक नियम बनाएं।
525. काम करते समय अपनी टेबल पर थोड़ा पानी रखें।
526. डेस्क पर अनावश्यक केबल्स को व्यवस्थित (tie) रखें।
527. स्क्रीन की रोशनी कमरों की लाइट के हिसाब से रखें।
528. कोडिंग के समय मन में किसी भी प्रोजेक्ट का डर न पालें।
529. अपना वर्क स्टेशन साफ रखने के लिए एक छोटी ब्रश रखें।
530. काम के दौरान अपनी कुर्सी आरामदायक रखें।
531. स्क्रीन के वॉलपेपर में प्रकृति की फोटो रखें।
532. अपने कोडिंग टूल्स (Software) को अपडेट रखें।
533. वर्क डेस्क पर कोई पुरानी रद्दी फाइल न रखें।
534. काम के बीच में अपनी नजरें स्क्रीन से हटाकर दूर देखें।
535. कीबोर्ड पर हाथ रखने से पहले हाथ धोएं।
536. कोडिंग डेस्क पर रोशनी सामने से न आकर साइड से आए।
537. अपने लैपटॉप का स्टैंड सही ऊंचाई पर रखें।
538. अपना फोल्डर स्ट्रक्चर रंगीन कोडिंग (Color coding) से बांटें।
539. अपने काम का बैकअप लेने के बाद मन को शांत रखें।
540. डिजिटल वर्कस्पेस में भी 'न्यूनतम' (Minimalist) शैली अपनाएं।


​सकारात्मक आदतें और अनुशासन (541-560)

541.​सुबह उठकर पहले अपने हाथों को देखें।

542. दिन की शुरुआत किसी सकारात्मक मंत्र के साथ करें।
543. घर में किसी भी चीज को फेंकने से पहले सोचें।
544. अपने घर की चीजों को प्यार से रखें।

545. मेहमानों के साथ बैठते समय सकारात्मक बातें करें।
546. अपनी बचत का एक छोटा हिस्सा दान के लिए रखें।
547. रात को सोने से पहले अपनी डायरी लिखें।
548. दिन भर की थकान मिटाने के लिए नमक के पानी से हाथ-पैर धोएं।
549. घर के पौधों को रोज थोड़ा प्यार से छूएं।
550. दूसरों की आलोचना करने से बचें।

551. अपनी क्षमताओं पर हमेशा गर्व करें।

552. किसी की मदद करने का अवसर न छोड़ें।
553. अपनी गलतियों को स्वीकार करने का साहस रखें।
554. काम में निरंतरता रखें, चाहे काम छोटा हो।
555. हर रोज कुछ न कुछ नया सीखने का लक्ष्य रखें।
556. अपने परिवार के साथ भोजन करते समय फोन दूर रखें।
557. घर में किसी के भी साथ ऊँची आवाज में न बोलें।
558. हर काम को 'परफेक्शन' से करने की कोशिश करें।
559. अपने सपनों के प्रति समर्पित रहें।

560. हमेशा कृतज्ञ (Gratitude) भाव रखें।


​समृद्धि और लक्ष्य-प्राप्ति (561-580)

​561.अपने भविष्य के लक्ष्यों का विजन बोर्ड बनाएं।

562. तिजोरी में लाल कपड़े का उपयोग शुभ है।

563. उत्तर दिशा में पैसों का लेन-देन का रिकॉर्ड रखें।

564. मेहनत के साथ स्मार्ट तरीके अपनाएं।

565. अपनी स्किल को मार्केट की जरूरतों के अनुसार बढ़ाएं। 5

66. हार से न डरें, उसे सीख मानें।

567. सफलता के लिए सही लोगों का साथ चुनें।

568. अपने बजट का ध्यान रखें।

569. नए प्रोजेक्ट्स को पूरी तैयारी के साथ शुरू करें।

570. काम के प्रति अपनी रुचि को हमेशा जीवित रखें।

571. अपने काम में गुणवत्ता पर ध्यान दें।

572. समय का प्रबंधन (Time Management) करें।

573. अपने लक्ष्यों को हर दिन देखें।

574. अपनी सफलता की योजना गुप्त रखें, मेहनत सार्वजनिक करें।

575. हर काम को एक अवसर समझें।

576. अपनी मेहनत का उचित फल मिलने का विश्वास रखें।

577. जीवन में संतुलन बनाए रखें।

578. अपने काम के प्रति ईमानदार रहें।

579. नई तकनीक को सीखने के लिए तैयार रहें।

580. आपकी मेहनत ही आपकी सबसे बड़ी वास्तु है।


​मन और आत्मा की शांति (581-600)

581.​ध्यान के लिए अपना एक कोना चुनें।

582. प्राणायाम को अपनी सुबह की दिनचर्या में रखें।

583. मन को शांत करने के लिए संगीत का सहारा लें।

584. अपनी इच्छाओं को मर्यादित रखें।

585. मन की बात सुनें।

586. दूसरों के प्रति क्षमाशील बनें।

587. अपनी आत्मा की आवाज को पहचानें।

588. छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढें।

589. हर दिन को अपना आखिरी दिन मानकर जिएं।

590. स्वयं का सम्मान करें।

591. अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं।

592. मन में कोई भी नकारात्मक विचार न रखें।

593. खुश रहने की आदत डालें।

594. शांत चित्त होकर निर्णय लें।

595. दूसरों के दुखों को समझें।

596. अपने जीवन का उद्देश्य पहचानें।

597. प्रकृति की सुंदरता को निहारें।

598. हर क्षण को पूरी तरह जिएं।

599. अपने आप पर प्रेम रखें।

600. आप खुद एक ऊर्जा के केंद्र हैं, बस खुद को पहचानें।